मेगा PTM GSSS नाथलवाड़ा
मेगा पेटीएम आयोजन
---
🏫 मेरे विद्यालय में आयोजित मेगा पीटीएम और प्रखर राजस्थान 2.0
दिनांक 31 अक्टूबर को हमारे विद्यालय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नाथलवाड़ा, राजगढ़ में एक भव्य मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक (Mega PTM) का आयोजन किया गया। इस बैठक में विद्यार्थियों के अभिभावकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, व्यवहार और समग्र विकास पर चर्चा करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाचार्य श्री जगदीश प्रसाद मीणा जी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने विद्यालय की उपलब्धियों और विद्यार्थियों की मेहनत की सराहना की। अपने उद्बोधन में उन्होंने “प्रखर राजस्थान 2.0” के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह राज्य सरकार की एक महत्त्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य राजस्थान के विद्यार्थियों को और अधिक सक्षम, जागरूक तथा ज्ञानवान बनाना है।
प्रधानाचार्य महोदय ने समझाया कि “प्रखर राजस्थान 2.0” के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रतियोगी भावना, नेतृत्व क्षमता और नवाचार की सोच को बढ़ावा दिया जाएगा। यह योजना शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
पीटीएम में सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों की रिपोर्ट अभिभावकों को दिखाई और सुधार के सुझाव दिए। अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। विद्यालय परिसर को सजाया गया था
इसी अवसर पर समस्त विद्यार्थियों ने तथा समस्त स्टाफ व
अभिभावकों ने मिलकर राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ ली
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य महोदय ने सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त किया और उन्हें आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें तथा “प्रखर राजस्थान 2.0” जैसी योजनाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें।
---
✨ निष्कर्ष
31 अक्टूबर को आयोजित यह मेगा पीटीएम हमारे विद्यालय के लिए अत्यंत सफल और प्रेरणादायक रहा। इस अवसर पर दी गई “प्रखर राजस्थान 2.0” संबंधी जानकारी ने अभिभावकों और विद्यार्थियों दोनों में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया। यह आयोजन विद्यालय, अभिभावक और विद्यार्थी — तीनों के बीच मजबूत संबंधों का प्रतीक बना।
मेगा पीटीएम हमारे विद्यालय के लिए एक सफल और प्रेरणादायक आयोजन रहा। इससे न केवल विद्यार्थियों की प्रगति में सुधार हुआ, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना भी बढ़ी।



Comments
Post a Comment